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बैठक में DMK के नेता पर भड़के नितीश कुमार , नहीं दी मीडिया ब्रीफिंग

दिल्ली में हुई JDU कि दो दिनों की राष्ट्रीय कार्यकारणी और राष्ट्रीय पदक की  बैठक हुई  साल 2016 -20  तक नितीश रष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं।  इस दो  JDU कि दो दिनों की राष्ट्रीय कार्यकारणी और राष्ट्रीय पदक की  बैठक के दूसरे दिन में पार्टी कि बाग़ डोर संभालने के लिए तरह तरह कि बातें शुरू हुई।  और बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि ललन सिंह कि जगह नितीश कुमार पार्टी कि कमान संभालेंगे।  जिसका एलान शाम को पांच बजे होगा इसके साथ दिल्ली में लगे नितीश कुमार के होर्डिंग ने सबका ध्यान अपनी और आकर्षित किया जिसमे लिखा था “प्रदेश ने पहचना अब देश भी पहचानेगा ”  सभी संसदो का यह इशारा था कि नितीश विपक्ष कि तरफ से पीएम पद कि दौड़ में हैं जब वह भाजपा से अलग हुए थे तो उन्होंने कहा था कि वह विपक्ष के खिलाफ एकजुट होंगे साल 2024  के लिए।  JDU 2003  में अस्तित्व में आयी थी तब से बिहार में है। 

क्या है JDU 

जनता दल का गठन जनता दल इसका विलय लोक शक्ति तथा समता दल के साथ हुआ था , इस विलय किये गए जनता दल को JDU कहा गया , इसमें जनता दल का चिन्ह तीर और समता पार्टी का हरा झंडा और सफेद झंडा मिलाकर JDU  का चुनाव चिन्ह बना।  आपको बता दें कि बीते कुछ समय से JDU के प्रत्याशी बिहार, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में अपना सिक्का जमाने में कायम रहे। 

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बिहार में जदु के 45  विधायक हैं और अगर बात करें अरुणाचल और मणिपुर के विधायक नितीश कुमार की पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं।  मणिपुर में एक विधायक है और अरुणाचल में एक भी नहीं और ये सभी विधायक BJP से जुड़ गए हैं।

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