SHOWMANSHIP

भारत कि रेसलर चैंपियन विनेश फोगट ने अपने खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार कर्तव्य पथ पर रख दिए , विनेश फोगट और उनके पति सोमवीर राठी दोनों ने अपने अवार्ड को कर्तव्य पथ पर रख दिया। उनके इस स्टेप से अब मोदी सरकार विपक्षी दल के आँखों में खटक रही है। क्योंकि इस बात को अपना माध्यम बनाते हुए राहुल गाँधी ने ट्वीटर पर मोदी सरकार को अपना निशाना बनाया है।

राहुल गाँधी ने नाम लिए बिना ही राष्ट्रिय कुश्ती संघ के पूर्व अधिक बृजभूषण को बाहुबली नाम दिया। राहुल गाँधी का कहना है देशी कि किसी भी बेटी को अपना सेल्फ रेस्पेक्ट पहले है और कोई भी पदक उसके बाद। आज क्या “घोषत बाहुबली ” से मिलने वाले राजनितिक फायदे कि कीमत एक बेटी के आंसुओं से ज्यादा है क्या ? प्रधानमंत्री राष्ट्र का अविभावक होता है उसकी ऐसी निष्ठुरता देख दुःख होता है।

क्यों लौटाया अपना खेल रत्न

आपको बता दें अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार को लौटने से पहले विनेश फोगट ने एक साल पहले पीएम मोदी को पत्र लिखे थे और उसमे लिखा गया था कि पिछले एक साल से में जिस हाल में हूँ उसको बयान करने के लिए पत्र लिख रही हूँ। मैं जानना चाहती हूँ कि क्या हम महिला खिलाडी सरकार के विज्ञापन पर छपने के लिए ही बनी हैं क्या ?

इससे पहले बजरंग पुनिया ने 22 दिसंबर को अपना पद्मश्री अवार्ड वापिस किया था उनका प्रयास भी पीएम आवास तक जाने का ही था पर पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया था , जिस बजह से बजरंग ने अपना सम्मान सड़क पर ही रख दिया था। इसके साथ उन्होंने चिट्ठी लिखी थी कि में अपना पद्मश्री प्रधानमंत्री को वापिस लौटा रहा हूँ , और कहने के लिए बीएस मेरा यही पत्र है।

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जब कुछ दिन पहले भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष का चुनाव हुआ था तो संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था जोकि बृजभूषण का करीबी है। सरकार के इस निर्णय से साक्षी मालिक भी आहत हुई थी जिसके बाद उन्होंने ने भी रेसलिंग से सन्यास लेने कि घोषणा की और अपने जुटे मेज पर रख दिए जिसके बाद वह वहां से रोटी हुई गयी

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