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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आईएसआई आतंकी शाहनवाज के एनसीआर नेटवर्क से जुड़े चार और संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा इसके फरार तीन साथियों की तलाश में भी छापेमारी की जा रही है।

आईएसआईएस के पुणे आतंकी मॉडयूल में पकड़े गए शाहनवाज ने दिल्ली पुलिस के सामने कई खौफनाक और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि यह मॉड्यूल दिवाली पर दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहा था। इसके लिए अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड फरतुल्लाह गौरी और उसके दामाद शाहिद फैसल निर्देश दे रहे थे। ये दोनों पाकिस्तान में आईएसआई की सरपरस्ती में हैं।

पाकिस्तान से इनको निर्देश थे कि दिल्ली के बाजार, मॉल सहित भीड़भाड़े वाले करीब छह स्थानों का चुनाव करें, जहां बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जा सके। इसके लिए ही आतंकी शाहनवाज ने फरारी के दौरान कई बार आईईडी तैयार कर उसका ट्रायल किया था। आतंकी फरहतुल्ला गौरी भारत के नौजवानों को ऑनलाइन जिहाद के लिए तैयार कर रहा है। गौरी ने ही शाहनवाज और इसके बाकी साथियों से संपर्क कर इन्हें जिहाद के नाम पर उकसाया था। जब ये तीनों उसके लिए काम करने को तैयार हो गए तो उसने इन्हें ऑडियो मैसेज भेजना शुरू किया।

सोशल मीडिया पर भर्ती स्कीम चलाई: ऑडियो मैसेज के अंदर तीनों आरोपियों और इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य संदिग्धों के लिए संदेश और कोड छुपा होता था। इस संदेश के तहत गौरी ने साफ तौर पर निर्देश दिया था कि ऐसी वारदात करें कि पाकिस्तान पर शक ना हो। इसके अलावा वह लगातार यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया पर ऑनलाइन भर्ती स्कीम चला रहा था। लगातार भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है।

कौन है फरहतुल्लाह गौरी फरहतुल्लाह गौरी गुजरात में साल 2002 में अक्षरधाम मंदिर पर हुए हमले 8 में शामिल था। 2002 में ही उसने हैदराबाद में एसटीएफ ऑफिस में सुसाइड अटैक भी करवाया था। हैदराबाद का रहने वाला फरहतुल्ला गौरी भारत से फरार होकर पाकिस्तान में छिपा हुआ है।

निजी जानकारी पोस्ट करने की मनाही

फरहतुल्ला इन्हें निर्देश देता था कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी के लिए करें, उसमें अपने विचार और निजी जानकारी पोस्ट नहीं करें। हथियार तस्करों से हथियार खरीदते वक्त भी पूरी तरह से सावधानी बरतें, क्योंकि कई बार वो डबल एजेंट के तौर पर काम करते हैं। जो सबसे बड़ा निर्देश गौरी ने दिया, वह यह कि आतंकी जेल से रिहा होते हैं तो दूसरे जिहादी, उनसे दूरी बनाए रखें, क्योंकि एजेंसियां जेल से छूटे जिहादियों का कई वर्षों तक पीछा करती रहती हैं।

फरार तीन साथियों की तलाश में छापेमारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल शाहनवाज के एनसीआर नेटवर्क से जुड़े चार लोगों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा इसके फरार तीन साथियों की तलाश में भी छापेमारी की जा रही है। स्पेशल सेल के सूत्रों की मानें तो शाहनवाज से जुड़े फरार ये तीनों संदिग्ध यूपी के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं। जांच टीम उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने अलग-अलग जगहों पर की गई रेकी के दौरान इसकी मदद की थी। दरअसल, पुलिस को शक है कि ये लोग स्लीपर सेल का हिस्सा हो सकते हैं।

12 साल अलीगढ़ में रहा मोहम्मद अरशद

झारखंड निवासी आतंकी मोहम्मद अरशद को 19 जुलाई को अलीगढ़ से पकड़ा गया था। निजी स्कूल में 2004 तक पांचवीं कक्षा की पढ़ाई के बाद अलीगढ़ आ गया था। यहां से उसने बीटेक की। उधर, अरशद वारसी को मुरादाबाद कोतवाली क्षेत्र के लाल मस्जिद के पास से गिरफ्तार किया गया था। यहां अरशद वारसी बीते करीब 15 दिन से अपनी ससुराल में डेरा डाले हुआ था। इसके बाद वह पकड़ा गया।

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