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“भारत – कनाडा विवाद की पूरी कहानी: समस्या, प्रक्रिया, और परिणाम”

भारत और कनाडा के बीच मुख्य विवाद वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा एक ट्वीट किया गया, जिसमें वह भारत के साथ व्यापारिक मामलों को लेकर चिंतित होने का इशारा कर रहे थे। इस ट्वीट के बाद, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया।

इस विवाद की मुख्य कड़ियाँ निम्नलिखित हैं:

  1. ट्रेड और किसानों के मुद्दे: कनाडा ने बाजार में अपने दूध उत्पादों को भारत में बेचने की कोशिश की, जिससे भारतीय दूध उत्पादकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। भारतीय किसान संगठनों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया और भारतीय सरकार ने कनाडा से दूध के आयात पर निर्बंध लगाया।
  1. व्यापारिक मामले: व्यापारिक मामलों में भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा। कनाडा ने भारतीय मानवाधिकार एक्ट के तहत व्यापार करने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट प्राप्त करने की मांग की, जिससे व्यापार करने में कठिनाइयाँ आई।
  2. वीसा नियमों का बदलाव: कनाडा ने भारतीय नागरिकों के लिए वीसा नियमों में परिवर्तन किया, जिसका परिणामस्वरूप भारतीय वीसा आवेदकों को अधिक वक़्त और प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ा।
  3. ट्रेड बैलांस: कनाडा ने दूसरी ओर भारत से व्यापार बैलांस के मामले में चिंतित रहा, क्योंकि भारत के पक्ष पर यह बात कही जाती थी कि कनाडा भारत के लिए अधिक उत्पाद नहीं खरीद रहा है।

इन मुद्दों के बावजूद, दोनों देशों ने संवाद के माध्यम से इस विवाद को समाधान करने की कोशिश की हैं। इसके बावजूद, व्यापारिक और राजनीतिक तनाव दोनों देशों के बीच जारी हैं और इस मुद्दे का समाधान अब तक पूरी तरह से नहीं हुआ है।

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