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भारी बारिश के बीच सामने कुछ साफ-साफ नहीं दिखाई दे रहा था। कार सवार ने सही रास्ते के लिए जीपीएस ऑन किया। कुछ देर में कार चलना बंद हो गई। तब पता लगा कि कार नदी के ऊपर खड़ी है।

भारी बारिश हो रही थी और सड़क पर लबालब भरा पानी। सही रास्ते के लिए दो डॉक्टरों ने मोबाइल पर नेविगेशन लगाया और निकल पड़े। जल्द ही वे सड़क किनारे पानी से भरे हुए उस हिस्से में आ गए, जहां से आगे उनकी गाड़ी नहीं जा पा रही थी। उन्हें महसूस हुआ कि कार नदी पर खड़ी है। पलभर में वे कार समेत नदी में समाने लगे। कुछ ही देर में चिल्लाहट थम गई और वे डूब चुके थे। गनीमत रही कि कार में सवार तीन अन्य लोग खुद को बचाने में कामयाब रहे। दुखद यह है कि घटना के दिन मरने वाले एक डॉक्टर का जन्मदिन था और वे उसी की खरीददारी कर लौट रहे थे।

मिली जानकारी के अनुसार, मामला केरल के एर्नाकुलम जिले के गोथुरुथ इलाके का है। यह घटना रविवार दोपहर 12.30 बजे हुई। डॉ. अद्वैत, डॉ. अजमल आसिफ और तीन अन्य लोग खरीददारी कर लौट रहे थे। अद्वैत 29 साल के हो गए थे और उस दिन उनका जन्मदिन भी था। वे पांचों कोच्चि से कोडुंगल्लूर लौट रहे थे।

पुलिस और कोडुंगल्लूर क्राफ्ट अस्पताल के वरिष्ठ प्रबंधक अशोक रवि के अनुसार, जीवित बचे लोगों में से एक डॉ. गाज़िक थाबसीर ने खुलासा किया कि दुर्घटना जीपीएस की गलती की वजह से हुई। उन्होंने कहा, “हां हम जीपीएस का उपयोग कर रहे थे। हालांकि, चूंकि मैं गाड़ी नहीं चला रहा था, इसलिए मैं पुष्टि नहीं कर सकता कि यह एप्लिकेशन की तकनीकी खराबी थी या मानवीय त्रुटि?”

मरने वाले दोनों डॉक्टरों में डॉ. अजमल त्रिशूर जिले के मूल निवासी थे और डॉ. अद्वैत कोल्लम के थे। जो लोग बच गए उनमें जिस्मोन और तमन्ना के अलावा डॉ थब्सीर शामिल हैं, जो क्राफ्ट अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में काम करते हैं। जिस्मॉन अस्पताल में नर्स है और तमन्ना पलक्कड़ में एमबीबीएस की छात्रा है। तीनों को कोच्चि के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉ अद्वैत के शव को कलामासेरी मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया है और डॉ अजमल के शव को शव परीक्षण के लिए त्रिशूर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।

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