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Sharmila Tagore Wedding Story: बॉलीवुड डेब्यू के 4 साल बाद ही 1968 में शर्मिला टैगोर ने क्रिकेटर रहे नवाब मंसूर अली खान पटौदी से शादी कर ली। धर्म की दीवार तोड़ शादी करने का चलन उन दिनों काफी कम था। शर्मिला टैगोर को भी एक मुसलमान से शादी के कारण तमाम मुसीबतें झेलनी पड़ी थीं।

शर्मिला टैगोर बॉलीवुड की सुपरस्टार एक्ट्रेस रही हैं। दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वालीं शर्मिला टैगोर ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक शानदार फिल्मों में काम किया। शर्मिला का फिल्मी करियर सत्यजीत रे की आपुर संसार नाम की बंगाली फिल्म से शुरू हुआ था। 1964 में शर्मिला ने कश्मीर की कली नाम की ब्लॉकबस्टर फिल्म से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया।

मशहूर टैगोर परिवार से है नाता

कानपुर के अपर मिडिल क्लास में जन्मीं शर्मिला टैगोर का बचपन और जवानी ज्यादातर कोलकाता में बीता। शर्मिला के पिता जितिंद्रनाथ टैगोर ब्रिटिश सरकार में अधिकारी थे तो वहीं मां इरा टैगोर हाउसवाइफ। पिता नोबेल पुरस्कार विजेता साहित्यकार रविंद्र नाथ टैगोर के परिवार से थे और मां असम के बरुआ परिवार से संबंध रखती थीं। इस दंपति ने अपनी बेटी की परवरिश बेहद नाजों और खुले विचारों से की।

बॉलीवुड डेब्यू के 4 साल बाद ही 1968 में शर्मिला टैगोर ने क्रिकेटर रहे नवाब मंसूर अली खान पटौदी से शादी कर ली। धर्म की दीवार तोड़ शादी करने का चलन उन दिनों काफी कम था। शर्मिला टैगोर को भी एक मुसलमान से शादी के कारण तमाम मुसीबतें झेलनी पड़ी थीं।

निकाह के फैसले पर मिली थी धमकी

हाल ही में शर्मिला टैगोर ने एक इंटरव्यू में बताया कि तब क्या हुआ था जब उन्होंने नवाब पटौदी से निकाह का फैसला किया था। शर्मिला ने बताया कि ना तो मेरे और ना ही उनके होने वाले पति के परिवार में कभी किसी ने अपने धर्म के बाहर विवाह किया था। दोनों के परिवार वालों के लिए भी ये काफी अलग था।

शर्मिला टैगोर ने बताया कि उनकी शादी करने की खबर फैलने के बाद उनके घर पर धमकियों वाले फोन कॉल्स आने लगे। लोग उन्हें धमकाने लगे कि अगर तुमने एक मुसलमान से शादी की अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना। गोलियां चलेंगी तब तुम्हें समझ में आएगा। शर्मिला ने बताया कि वो समझ नहीं पा रही थीं कि दो वयस्क अगर अपनी मर्जी से एक साथ आ रहे हैं तो लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है।

बदलना पड़ा था वेडिंग वेन्यू

खैर, लोगों से मिल रही धमकियों का शर्मिला पर तो असर नहीं पड़ा लेकिन उनके घरवाले परेशान होने लगे। घरवालों को चिंता थी कि शादी वाले दिन कोई उन्नीस-बीस ना हो जाए। इस कारण से ऐन मौके पर शादी के वेन्यू को चेंज करना पड़ा। पहले कोलकाता के फेमस फोर्ट विलियम में शादी होनी थी लेकिन बाद में दोनों की शादी शर्मिला के पिता के एंबेसडर दोस्त के घर से हुई।

शादी धूमधाम से हुई। नवाब पटौदी से शादी के लिए शर्मिला को इस्लाम कबूलना पड़ा था। इस्लाम कबूला तो नाम भी बदला। निकाह से पहले शर्मिला टैगोर आयशा सुल्ताना हो गईं। हालांकि दुनिया आज भी शर्मिला को उनके पुराने नाम से ही जानती है। शर्मिला टैगोर शादी के बाद भी फिल्मों में सक्रिय रहीं। हालांकि बच्चे होने के बाद उन्होंने एक्टिंग से दूरी बनाना शुरू कर दिया।

बेटे-बेटी ने भी चुनी मां की डगर

शर्मिला और टाइगर पटौदी की तीन संतानें हैं। बेटे सैफ अली खान और बेटियां सोहा और सबा। सैफ और सोहा ने अपनी मां की तरह ही एक्टिंग को अपना करियर चुना तो वहीं सबा सिनेमा की चकाचौंध से दूर रहीं। सबा जूलरी डिजाइनिंग का काम करती हैं।

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