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कोर्ट ने स्टालिन को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा दिए गए ‘सनातन धर्म का उन्मूलन’ वाले बयान पर नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्टालिन को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

स्टालिन ने यह बयान पिछले साल जुलाई में दिया था। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘सनातन धर्म ही जाति व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की जड़ है’। उन्होंने कहा था कि ‘सनातन धर्म का उन्मूलन ही इन समस्याओं का समाधान है’।

स्टालिन के इस बयान पर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। उन्होंने स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

हिंदू संगठनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्टालिन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्टालिन से पूछा है कि उन्होंने ‘सनातन धर्म का उन्मूलन’ वाला बयान क्यों दिया था। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि स्टालिन के इस बयान से हिंदू धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं या नहीं।

यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। यह देखा जाना बाकी है कि कोर्ट इस मामले में क्या फैसला देता है।

सनातन धर्म क्या है?

हिंदू धर्म का प्राचीन नाम “सनातन धर्म” है। यह दुनिया का सबसे पुराना धर्म माना जाता है। सनातन धर्म में एक ईश्वर की पूजा की जाती है। सनातन धर्म में कर्म और पुनर्जन्म के सिद्धांतों में विश्वास किया जाता है।

सनातन धर्म में हिंसा और नफरत को गलत माना जाता है। सनातन धर्म में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है।

उधयनidhi स्टालिन के बयान का क्या प्रभाव हुआ?

उधयनidhi स्टालिन के ‘सनातन धर्म का उन्मूलन’ वाले बयान ने हिंदू समुदाय में नाराजगी पैदा की। हिंदू संगठनों ने स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

स्टालिन के इस बयान से धार्मिक सद्भाव बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ। हालांकि, स्टालिन ने बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने ‘सनातन धर्म का उन्मूलन’ नहीं, बल्कि ‘सनातन धर्म में मौजूद बुराइयों का उन्मूलन’ करने की बात कही थी।

स्टालिन के इस बयान के बाद धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के प्रयास किए गए। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने मिलकर शांति बनाए रखने की अपील की।

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