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हाल ही कि खबर में हरियाणा कि भाजपा संसद ने वीरवार को संसद भवन में लिव इन रिलेशनशिप में के खिलाफ कानून बनाने कि मांग राखी है। उन्होंने ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह युवाओ के लिए एक भयानक बीमारी हैं जो आने वाले समय में एक भयंकर परेशानी खड़ी करेगी और अभी भी कर रही है अगर इसको यहीं रोक दिया जाये तो बेहतर होगा । हम भारतीयों को अपनी संस्कृति में रहना चाहिए हमे पश्चिम संस्कृति को बढ़ावा नहीं अपनी संस्कृति को बचना चाहिए।
भिवानी महेन्द्रगण से भजपा संसद धर्मवीर सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति में हम विवाह के लिए माता पिता से आज्ञा लेते हैं जिससे कि रिश्तो को बनाये रखने में आसानी होती है और एहि हमारी रीती रिवाज और संस्कृति है। उसके बाद उन्होंने मुद्दा उठाया श्रद्धा और ाफ्टव के रिलेशनशिप का कि क्या उनका लिव इन रिलेशनशिप में रहना सही था या नहीं ?
तो संसद में इसको लेकर काफी सवाल जबाब हुए जैसे कि


क्या मतलब होता है लिव इन रिलेशनशिप का ?
तो इसका जवाब है कि जब दो युंग लड़का लड़की शादी के बंधन में बांधने से पहले एक साथ पति पत्नी कि तरह रहते हैं।

क्या लिव इन रेलशनशिप को कानून कि मान्यता है?


जी हाँ ! कानून ने इसकी मान्यता दे रखी है क्योंकी एक इंसान व्यस्क होने के बाद अपनी मर्जी से किसी के भी साथ शादी से पहले रह सकता हैं।
फिर भी इसके बाद हम कहेंगे कि भारतीय संस्कृति से शादी जैसे पवित्र बंधन में बंधने के लिए आपको अपने माता पिता कि आज्ञा लेने कि जरुरत होती है आप लड़के और लड़की के घर और बैकग्राउंड चेक करने के बाद हे रिश्ता आगे बढ़ते हैं जिससे ज्यादातर परिणाम अचे हे रहते हैं इसके अलावा हम बात करें कटो अमेरिका में तलाक या अलग होने कि दर 40 फीसदी हैं जबकि भारत में 1 फीसदी ही है।

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पर अगर प्रचलन असा चलता रहा तो हालत बदतर हो जायेंगे। और लव मेर्रिजेस में भी तालककी दरें बढ़ रही हैं इसमें भी उन्होंने माता पिता कि मंजूरी को जरूरी बताया है और ये दोनों परिवारों कि सहमति से होने चाहिए । दिल्ली में रहने वाले श्रद्धा और आफताव भी इसी बीमारी का शिकार हुए जिसे कि लिव इन रिलेशनशिप कह रहे हैं ये पश्चिम देशो कि पैदाइश है जिसका कुप्रभाव हमारे देश में तेजी से फ़ैल रहा है

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