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अंतराष्ट्रीय टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स सुरक्षा प्रयत्नों में मदद  के लिए आज स्थल पर पहुंचे। उन्हें भूमिगत सुरंग बनाने और परिचालन सुरक्षा के दृष्टिकोण से असली संरक्षण प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर दुनिया के अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में व्यापक रूप से प्रतिष्ठा प्राप्त है। प्रोफेसर डिक्स ने सुरंग स्थल का निरीक्षण किया और उन एजेंसियों से बात की जो बचाव के कामो में शामिल हैं।

यह तीसरी बार था जब पीएम प्रधानमंत्री ने सुरंग में चलाए जा रहे बचाव कार्यों के बारे में सीएम धामी सीधी से बात की।मेडिकल टीमें भी साइट पर नियुक्त की गयी  हैं और प्रधान मंत्री कार्यालय की एक टीम भी मौके पर मुआयना के लिए सुरंग का दौरा करने के बाद ऑपरेशन पर नजर गढ़ाए  हुए है। नवंबर 12 की प्रातः भूस्खलन के बाद  सिल्कयारा सुरंग के कुछ भारी  हिस्से ढह जाने के बाद से बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है, जिससे 41 श्रमिक मलबे के एक बड़े से ढेर के पीछे फंस गए हैं। उत्तरकाशी जिला के मुख्यालय से लगभग 30 किमी की दूरी पर है और उत्तराखंड की कैपिटल  देहरादून से काम से काम सात घंटे की रास्ता तय कर के  सिल्कयारा सुरंग, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना का हिस्सा है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तरकाशी जिले में ध्वस्त टनल  के बीच में फंसे 41 मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए चल रहे सुरक्षा मिशन के बारे में आज उत्तराखंड के चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने अपनी बात में कहा कि मजदूरों  को सुरक्षित निकालने के लिए केंद्र की  सरकार द्वारा महत्वपूर्ण  बचाव उपकरण और संसाधन मुहैया कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय से श्रमिकों को सेफ्टी के साथ निकाला जाएगा। फोन पर बातचीत के अवधि के दौरान  मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी दी.

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अंतराष्ट्रीय टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स सुरक्षा प्रयत्नों में मदद  के लिए आज स्थल पर पहुंचे। उन्हें भूमिगत सुरंग बनाने और परिचालन सुरक्षा के दृष्टिकोण से असली संरक्षण प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर दुनिया के अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में व्यापक रूप से प्रतिष्ठा प्राप्त है। प्रोफेसर डिक्स ने सुरंग स्थल का निरीक्षण किया और उन एजेंसियों से बात की जो बचाव के कामो में शामिल हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, फंसे हुए श्रमिकों का आत्मविश्वास  बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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