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हाइकोर्ट का बड़ा फैसला दूसरी पत्नी को गुजरा भत्ता देने से मना नहीं कर सकता पति

बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला आ गया है की अगर एक मर्द पहली औरत के साथ क़ानूनी विवाह रहते हुए दूसरी शादी कर लेता है तो , उसे दूसरी पत्नी को भी भत्ता देना होगा | दूसरी पत्नी को वह गुज़ारा भत्ता देने से मना नहीं कर सकता | कोर्ट ने दूसरी औरत के लिए माह के 2500 रूपए भरण पोषण के लिए फिक्स करने बोला है | अगर ऐसे नहीं होता है तो महिला इस से सम्बन्धित आवेदन भी दे सकती है |

जाने क्या है पूरा मामला


बॉम्बे हाई कोर्ट का कहना है कि जब एक व्यक्ति ने क़ानूनी तौर पर एक शादी रखी है और फिर दूसरी शादी कर ली तो वह दूसरी पत्नी को भत्ता देने के लिए इंकार नहीं कर सकता है | वह व्यक्ति दूसरी बीवी को मेन्टेन्स देने से मना कर रहा है |अब महिला पचपन साल की है जबकि महिला ने कहा इसने मुझसे इसलिए शादी की थी कि पहली पत्नी बच्चा पैदा करने में समर्थ नहीं थी और उसको इस बजह से तलाक दे दिया था

जस्टिस श्री रजिश पाटिल ने बताया की 14 दिसंबर 2015 को मजिस्ट्रेट के इस फैसले को बनाये रखा और कहा की 2500 रूपए माह के दूसरी पत्नी को देना आवश्यक है और अगर ऐसा नहीं होता है तो वह औरत याचिका भी दायर कर सकती है कोर्ट ने उस आदमी के खिलाफ धारा 125 लगाई है तथा कहा है की इस तरह का भत्ता आपको पत्नी और कुछ रिश्तेदारों को भी देना पड़ेगा जो अपना भरण पोषण करने में समर्थ नहीं है और उस पत्नी को भी अपना जिससे वहबाद में अलग हो गया था |

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साल 2012 में नासिक में एक महिला ने गुजरा भत्ता के लिए याचिका दायर की थी जिसे की कोर्ट ने 2015 में पास कर दिया था 2500 रूपए देने के लिए जबकि पति की मासिक सैलरी पचास से साथ हजार थी ,पति ने भी निफाड़ के सेशन कोर्ट में याचिका दायर की थी और महिला के खिलाफ लिखा था की उसने कभी महिला से शादी की ही नहीं थी |
2022 में मजिस्ट्रेट ने सेशन कोर्ट में याचिका को खारिज कर दिया था तो महिला ने हाई कोर्ट में सेशन कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी और कहा की साल 1989 मे इस व्यक्ति ने मुझसे साहड़ी की थी और 1991 में हमे एक बेटा हुआ , महिला ने यह भी बताया की शादी के २ साल बाद उसके पति ने फिर से अपनी पहली पत्नी के साथ रहना शुरू कर दिया और उसने भी एक बेटे को जन्म दिया , और फिर दूसरी पत्नी एक और बेटे को जन्म दिया इस तरह उसने बचो के स्कूल डाक्यूमेंट्स में भी उसका नाम ही पिता के नाम पर लिखवाया है | महिला का कहना है जैसे ही दूसरा बेटा को मैने जन्म दिया तो मुश्किलें पैदा होने चालू हो गयी और में अलग रहने लग पड़ी , साल 2011 तक तो गुजरा भत्ता मिलता रहा , फिर उसने मुझे अपनी पहली पत्नी के कहने पर गुजरा भहता देने को मना कर दिया

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